0 अरवल जिला के बारे में जाने , Know About Your Arwal District

अरवल जिला के बारे में जाने , Know About Your Arwal District





अरवल जिला के बारे मे, About Arwal District

अरवल, भारत के बिहार राज्य में स्थित एक जिला है। जो की मगध प्रमंडल के अंतर्गत आता है ! और अरवल शहर इस जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है! अरवल जिला  का कुल क्षेत्रफल 634.23 वर्ग  किलोमीटर है जिसमें 613.57  किमी² ग्रामीण क्षेत्र और 24.43 किमी² शहरी क्षेत्र शामिल है। अरवल जिला  में सम्पूर्ण घरो की संख्या 1,18,222 है! शहरी झेत्र में घरो की संख्या 32,781 और ग्रामीण झेत्र में घरो की संख्या 1,09,769 है यहाँ की समपूर्ण जनसख्या 70,08,43  है ! जिसमे पुरुष की संख्या  3,63,497 जिसमे महिलाओ की संख्या 3,37,346 है ! इस जिले में कुल 1 उपखंड अरवल एवं 5 प्रखंड हैं । अरवल उपखंड में पांच प्रखंड अरवल, कलेर, करपी, कुर्था और सोनभद्र बंशी सुर्यपुर हैं । और पंचायत की 65 संख्या है ! जिसके अंतर्गत 335 गांव आते है ! अरवल जिला की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर करती है। इस जिला का मुख्य कृषि उत्पादन धान, गेहूं और मक्का हैं।

विशेषता , Specialty of Arwal District

अरवल जिला की विशेषता की बात करे तो जिला में पानी की गुणवत्ता और उसकी अधिक उपलब्धता के मामले में अरवल बिहार का अनूठा जिला है। विशेषज्ञों द्वारा किए गए सर्वेक्षण के अनुसार अरवल का भूमिगत जल अशुद्धियों से पूरी तरह मुक्त है !
प्रत्येक तीन वर्षो पर लगने वाला मोलमास मेला राजगीर के बाद सबसे बड़ा मोलामास मेला मधुश्रवां मे लगता है।
सबसे पहले यहां छठव्रत करने की परम्परा शुरु हुयी।
अरवल जिले में मेहंदी मधुशरवा मेला के पास, जो प्राचीन शिव मंदिर के नाम से  प्रसिद्ध है। इसका नाम महाभारत में लिया गया था !
धर्म निरपेक्ष की भावना इस जिले की विशेषता रही है। यह ऐसा माना जाता है कि आत्मा  की मुक्ति के लिए अंतिम 'पिंड दान' पुनपुन नदी में किया जाता है। यदि कोई पुरुष पुनपुन नदी में तर्पण / पिंड दान करता है, तो कहीं और पिंड दान या कोई होली अनुष्ठान करने की आवश्यकता नहीं होती है !
अरवल  में लगभग 5 पयर्टन जयदा चर्चित है !
अगनूर जल विद्युत जल परियोजना , फखरपुर मंदिर,  गौतमबुद्ध मंदिर, मधुश्रव आश्रम और मखदूम शाह का मजारी





प्रमुख 
अरवल जिला की प्रमुख नदियां की बात करे तो वो पुनपुन और सोन हैं। यहाँ मगही एवं हिंदी भाषा मुख्यतः बोली जाती है! जिला का मुख्य कृषि उत्पादन धान, मक्का और गेहूं हैं !

इतिहास, Arwal District History

अरवल जिला की इतिहास की बात करे तो अरवल के पास एक बहुत ही सांस्कृतिक इतिहास है अगस्त 2001 में जहानाबाद जिला से अलग करके से मगध प्रमंडल के तहत एक दूसरा प्रशासनिक जिला  बनाया गया !।
अरवल जिले का ऐतिहासिक महत्व है क्योंकि प्रसिद्ध संस्कृत कवि बाण भट्ट का जन्म  अरवल जिले के ग्राम बंशी सूर्यपुर में हुआ था। जिसने राजा हर्षवर्धन की जीवनी के  लेख 'हर्ष चरित'  नामक पुस्तक   को लिखा है!
अरवल जिले  पंतित गांव में एक और प्रसिद्ध स्थान है क्योंकि भगवान विष्णु का पैर प्रिंट वह पर स्थित है।  कहा जाता है की पंतित में भगवान विष्णु ने अपने वामन अवतार में अपना पैर रखा था। भगवान विष्णु ने राजा बलि से तीन पग भूमि की भीख मांगी थी ।  पहला पैर अरवल जिले के पंतित में, दूसरा चरण आकाश में और तीसरा चरण राजा बलि के सिर पर उनके अनुरोध पर रखा गया था क्योंकि उनके लिए कुछ भी नहीं बचा था। 
मध्यकाल में बिहार के  कागज बनाने वाले  दो प्रमुख में से एक   केंद्र थे।
1997  में लक्ष्मणपुर बाथे में दलित लोगों का नरसंहार हुआ था , जो कि रणवीर सेना -प्रमुख भूमिहार जाति की एक निजी सेना द्वारा नक्सल समर्थक के  दवारा किया गया  माना जाता है ।

दर Rate

साक्षरता की दर की बात करे तो अरवल की साक्षरता दर 67.43% है ! जिसमे महिला की साक्षरता 54.85% और पुरुष की साक्षरता                  दर 79.06%  है !
जनसख्या वृद्धि दर की बात करे तो 2001 - 2011 की जनसख्या वृद्धि दर 18.89%  है !
0 - 6 साल की बच्चो की दर 18.24% है !
लिंग दर की बात करे तो  यहाँ प्रत्येक 1000  पुरुष पर महिलाओ की दर 928 है !
बाल लिंगानुपात 1000 लड़कों पर 940 लड़कियां हैं। 
धर्म दर की बात करे तो अरवल जिला में  हिन्दू  90.48%  ,मुस्लिम  9.17% ईसाई 0.06%  सिख 0.01% बुद्धिस्ट 0.05% जैन                    0.01% और           अन्य  0.24%  है ! (अन्य में  नहीं बताय गया हुवा भी ज़ुरा हुआ है)
अरवल जिले में कुल 67 परिवार फुटपाथ पर या बिना किसी छत के रहते हैं।  बिना छत के रहने वाले सभी लोगों की कुल जनसंख्या                  332 है।     यह अरवल जिले की कुल जनसंख्या का लगभग 0.05% है।
अरवल जिले का घनत्व की बात करे तो यहाँ 1098 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है।
पिछड़ा जाति दर की बात करे तो यहाँ अनुसूचित जाति की दर      20.16%  और दलित की दर 0.9% है  !

अरवल जिले की कुल आबादी में से 7.40 प्रतिशत जिले के शहरी क्षेत्रों में रहते हैं। कुल 51,849 लोग शहरी क्षेत्रों में रहते हैं, जिनमें पुरुष 27,077 और महिलाएं 24,772 हैं!
अरवल जिले की 92.60% आबादी गांवों के ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। अरवल जिले की ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली कुल जनसंख्या 6,48,994 है, जिसमें पुरुष 3,36,420 और महिलाएं 3,12,574 हैं। 



 

निकट Near 

अरवल की सीमा की बात रे तो इसके सीमा भाग में रोहतास, भोजपुर, पटना, जहानाबाद, गया, और औरंगाबाद जिला है ! है ! यह जिला रेल से जुड़ा नहीं है। यहां किसी भी सीमाबद्ध जिले से सड़क मार्ग द्वारा पहुंचा जा सकता है।

अरवल में जन्मे प्रसिद्ध हस्तियाँ Famous People/Celebrities Born in Arwal District
बाण भट्ट 
प्रसिद्ध संस्कृत कवि बाण भट्ट का जन्म  अरवल जिले के ग्राम बंशी सूर्यपुर में हुआ था।

रंजन राज
एक अभिनेता हैं, जिन्होंने  छिछोरे (2019), अपरिपक्व (2019) और हॉस्टल डेज़ (2019) में काम किया है उनका जन्म अरवल जिला में हुवा है !

कृपया ध्यान दे इस पेज पर का सारा डाटा 2011  के जनगणना के हिसाब से ली गयी है ! * 

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